दीपावली

माँ लक्ष्मी आपसे प्रार्थना है सभी के ऊपर समान रुप से अपनी कृपादृष्टि बनाएं रखिए माँ दिन-रात कठिन मेहनत करने वाले किसानों को भूखे पेट किसी रात न सोना पड़े।। बेसहारों का सहारा प्रदान कर दे माँ अहंकारियों के घर न जाना माँ अधिक धन की अभिलाषा नहीं मुझे.. पर माँ इतनी बुद्धि दे कि..Continue reading “दीपावली”

मायूसी ने डाला डेरा

मायूसी ने डाला डेरा पाटलिपुत्र की धरा थर्रा उठी हाँ टूट गए सपने बह गए अरमान पानी की धार में जल की अधिकता ने कर दिया तबाह बर्बाद हो गया सबकुछ जिस घर में खुशियों के दीप थे जलने वाले उस घर में मायूसी ने डाला है डेरा।। जल ही जल सर्वत्र बच्चों की चीखें,बेसहारोंContinue reading “मायूसी ने डाला डेरा”

हे माँ दुर्गे

हाँ माँ,तू अब ले अवतार हे माँ दुर्गे! है एक प्रार्थना तुमसे जानता हूँ, तू न करेगी अपने पुत्र को उदास पूरी करेगी मेरी अभिलाषा हाँ माँ,तुमसे है एक प्रार्थना इस कलयुग में दिन-ब-दिन बढ़ रही है पापियों की संख्या कुछ सज्जन है, तो कुछ हैं दुर्जन नारी को करते हैं अपमानित और प्रताड़ित उनContinue reading “हे माँ दुर्गे”

पिता

पिता! पिता वो दुःख की पीड़ा से ग्रसित महान पुरुष हैं,जिसके चेहरे पर दुःख होते हुए भी खुशी की मुस्कान दिखाई देती है। पिता! पिता वो खजाना है,जिसके खजाने में असीमित खुशीयाँ लाल के लिए समर्पित होती हैं। पिता! पिता वो अनमोल रत्न हैं,जिनकी तुलना करना किसी कलमकार की कलम से संभव नहीं है। पिता!Continue reading “पिता”

मेरे पिता

क्यूँ छीन लिए असमय? हे ईश्वर!मेरे खुदा मेरे पिता को कर दो न वापस हे ईश्वर मेरे पिता को। भला हुई क्या खता उस त्याग और तपस्या की साक्षात मूरत से? कि छीनी आपने मुझसे मेरे खुदा को कर दो न वापस हे ईश्वर मेरे पिता को। जानता हूँ कि इस जगत में कोई नContinue reading “मेरे पिता”

सैनिक

माँ की ममता की छाँव से दूर बहुत दूर आया हूँ पिता जी के प्यार से बहुत दूर कोसों दूर सैनिक बन देश की रक्षा करने आया हूँ हाँ मैं सैनिक हूँ, है सौगंध मुझे इस मिट्टी की अंतिम साँस तक वतन की रक्षा करूंगा। कंपकपाती ठंड में बिना परवाह किए देश की रक्षा केContinue reading “सैनिक”

शिक्षक हैं दीपक

भलें माँ ने ममता दी पिता ने संस्कार दिए पर … शिक्षकों के उपकार व आशीष से मनुज खड़े हो पाते हैं स्वयं के पैरों पर शिक्षक हैं दीपक इनसे ही रोशन हैं सारा जहां नन्हें बालकों केहाथ पकड़कर डांटकर ,दुलारकर सीखाते हैं,अक्षर ज्ञान जिनसे बच्चे आगे चलकर बनते हैं महान और करते हैं नेकContinue reading “शिक्षक हैं दीपक”

प्रेरणादायक विचार कुमार संदीप की कलम से

प्रेरणादायक विचार की समीक्षा की है,साहित्य जगत के सुप्रसिद्व कवि,समीक्षक, लेखक आदरणीय राजेश शर्मा “पुरोहित” जी ने—- ई -पुस्तक समीक्षा व्यक्तित्व निर्माण में सहायक सिद्ध होगी कुमार संदीप की कृति “प्रेरक विचार कृति:- ई पुस्तक-प्रेरक विचार लेखक:- कुमार संदीप पृष्ठ:-101 संस्करण:- 2019(प्रथम) समीक्षक:- “राजेश कुमार शर्मा”पुरोहित” मनुष्य की जिन्दगी बदल देते हैं सकारात्मक विचार। यदिContinue reading “प्रेरणादायक विचार कुमार संदीप की कलम से”

बेटियाँ

बेटियाँ घर में चहुंओर रौनक ही रौनक फैलाती हैं बेटियाँ, ईश्वर के द्वारा तोहफे में दी हुई अनमोल रत्न होती हैं बेटियाँ। प्रेम की मूरत अलौकिक अद्वितीय होती हैं बेटियाँ, सूने आँगन में हरियाली बिखर देती हैं बेटियाँ। सूर्य समान अद्वितीय व परोपकारी होती हैं बेटियाँ, पिता पुकारते हैं जिसे बेटा कहकर वह होती हैंContinue reading “बेटियाँ”

नन्ही चींटी

नन्ही चींटी नहीं रुकती है हर पल चलती है कार्य पूर्ण न हो तब तक नहीं थकती है इंसानों को सिखलाती है रुक मत तू गर रुक जायेगा मंजिल तक नहीं पहुंच पायेगा नन्ही चींटी गिरती है कई बार दिवारों पर चढ़ते वक्त फिर भी खुद को संभालती है वह जानती है, जरुरी नहीं सफलताContinue reading “नन्ही चींटी”

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